Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
इस विटामिन-मिनरल की कमी से होता है मांसपेशियों में दरà¥à¤¦, जानिठइनके फूड सोरà¥à¤¸
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ और à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾ हम में से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों ने कà¤à¥€ न कà¤à¥€ जरूर à¤à¥‡à¤²à¥€ होगी। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आपको ये पता है कि हर रोज मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ और à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾ किस विटामिन और खनिज की कमी की वजह से होती है।
शरीर के अचà¥à¤›à¥‡ विकास के लिठविटामिन डी बेहद जरूरी होता है। शरीर के अंदरूनी फंकà¥à¤¶à¤¨ के लिठविटामिन डी सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता है। अगर शरीर में विटामिन डी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी हो जाठमांसपेशियों में à¤à¤‚ठन जोड़ों में दरà¥à¤¦ की वजह बन सकता है। हालांकि हम सà¤à¥€ को अपने शरीर में विटामिन के लेवल को जानना बेहद जरूरी है। ताकि हम अपनी डाइट और जरूरी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी को पूरा कर सकें। इसके अलावा सबसे जरूरी बात ये à¤à¥€ है कि, जरूरत पड़ने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद ले सकें। मांसपेशियों की à¤à¤‚ठन के इलाज में किसी तरह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ नहीं होती। जरूरत पड़ने पर लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और डाइट में कà¥à¤› बदलाव करने की सलाह दी जा सकती है। अगर आप à¤à¥€ असहनीय मांसपेशियों के दरà¥à¤¦ से परेशान हैं, तो सबसे पहले किसी विशेषजà¥à¤ž से परामरà¥à¤¶ करें।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है विटामिन डी?
शरीर की संरचना के कैलà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¿à¤•ेशन को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठविटामिन डी à¤à¤• तरह का à¤à¤‚टीराचिटिक विटामिन है। यह विटामिन सूरà¥à¤¯ से पराबैंगनी किरणों की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बनता है। इसलिठसूरà¥à¤¯ की रौशनी में आने से à¤à¤‚टी-राचिटिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। अगर विटामिन डी की कमी हो जाठतो इससे रिकेटà¥à¤¸ जैसा रोग हो सकता है।
विटामिन डी का काम
विटामिन डी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतों को मजबूत रखता है।
डाइट में विटामिन डी शामिल करने से शरीर को कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का अवशोषण करने में मदद मिलती है।
इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ पॉवर को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठविटामिन डी की जरूरत होती है।
विटामिन डी मेंटल हेलà¥à¤¥ के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और तनाव को कम करने में विटामिन डी मददगार होता है।
विटामिन डी की कमी
विटामिन डी की कमी से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रिकेटà¥à¤¸ और वयसà¥à¤•ों में ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤²à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ नाम का रिकेटà¥à¤¸ रोग हो जाता है।
विटामिन डी की कमी से शरीर के वजन में काफी कमी हो सकती है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विटामिन डी की कमी खोपड़ी नरम, पैर और रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में खराबी, जोड़ों में सूजन और मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन हो सकती है।
विटामिन डी का सà¥à¤°à¥‹à¤¤
सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसके अलावा यह अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ और डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में à¤à¥€ पाया जाता है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ है जरूरी
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी होता है। हमारे शरीर में लगà¤à¤— 12 सौ गà¥à¤°à¤¾à¤® कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® होता है जिसमें से करीब 99 फीसद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® फासà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ होता है, जो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूती देता है। साथ ही शरीर को à¤à¤¾à¤° उठाने में सकà¥à¤·à¤® à¤à¥€ बनाता है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रिकेटà¥à¤¸ और वयसà¥à¤•ों में ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤²à¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी की वजह से होने वाली आम बीमारियां हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ समय से पहले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होती है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤°à¥‹à¤¤
दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ होती है।
पनीर में à¤à¥€ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे साग, पालक, अरबी और मेथी में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ होती है।
मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾ से निपटने के लिठआपको विटामिन डी और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी को दूर करने की जरूरत है। इसके सà¥à¤°à¥‹à¤¤ की मदद से इस कमी को आराम से पूरा किया जा सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |